Gaurav Yadav NDA President Gold Medalist Left IIT For Army Success Story | Army के लिए ठुकरा दी IIT, दीवारों को दिए इंटरव्यू… और NDA में पा लिया गोल्ड मेडल

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नेशनल डिफेंस एकेडमी (NDA) में गौरव यादव को गोल्ड मेडल से नवाजा गया है. उन्होंने NDA में शामिल होने से पहले IIT एंट्रेंस एग्जाम भी क्रैक किया था.

NDA पासिंग आउट परेड में हिस्सा लेते कैडेट्स

Image Credit source: PTI

राजस्थान के अलवर जिले के रहने वाले गौरव यादव के ऊपर नेशनल डिफेंस एकेडमी (NDA) में शामिल होने का जुनून कुछ ऐसा था कि उन्होंने इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (IIT) में एडमिशन को भी ठुकरा दिया. गौरव को इसका फल भी मिला है, क्योंकि एनडीए की 143वें परेड में प्रेसिडेंट गोल्ड मेडल से नवाजा गया. गोल्ड मेडलिस्ट गौरव शुरू से ही आर्म्ड फोर्स में करियर बनाना चाहते थे. इसके लिए उन्होंने कई सारी बाधाओं को पार किया. तब कहीं जाकर गौरव को खड़कवासला में नेशनल डिफेंस एकेडमी में शामिल होने का मौका मिला.

Gaurav Yadav के पिता राजस्थान के अलवर जिले के जाजौर-बास गांव के रहने वाले हैं. उन्होंने IIT एंट्रेंस टेस्ट को क्लियर कर लिया था. लेकिन इतनी बड़ी बात को उन्होंने अपने परिवार से छिपाए रखा और दिल्ली के एक कॉलेज में जाकर दाखिला ले लिया. इसके पीछे उनका मकसद एनडीए के सपने को पूरा करना था.

कमरे की दीवार को माना SSB पैनल

टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के मुताबिक, गौरव ने दो बार एनडीए एंट्रेंस एग्जाम क्लियर कर लिया था. लेकिन वह NDA में शामिल नहीं हो पाए, क्योंकि दोनों ही बार वह सर्विस सेलेक्शन बोर्ड (SSB) इंटरव्यू स्टेज में उनकी गाड़ी अटक गई. SSB क्लियर नहीं होने के बाद भी उन्होंने खुद को मोटिवेटेड रखा. यही वजह रही कि तीसरा मौका मिलते ही उन्होंने झंडे गाड़ दिए और एग्जाम क्लियर कर NDA में शामिल हुए.

एनडीए की पासिंग डे परेड का आयोजन बुधवार को किया गया. इस मौके पर गौरव ने कहा, ‘मैं अपने कमरे की दीवार के सामने खड़ा होता था. इस दौरान मैं सोचता था कि मैं एसएसबी पैनल को इंटरव्यू दे रहा हूं और उनके सवालों का जवाब दे रहा हूं.’

जब भाई से बोला झूठ

गोल्ड मेडलिस्ट गौरव के भाई विनीत भारतीय सेना में हैं. उन्होंने बताया कि एक वक्त ऐसा था, जब परिवार को गौरव के मानसिक स्थिति को लेकर चिंता होने लगी. विनीत ने बताया कि जब उन्होंने अपने भाई से IIT रिजल्ट को लेकर पूछा तो, उसने बताया कि एग्जाम क्लियर नहीं हो पाया.

विनीत ने कहा, ‘ऐसा कहने पर मैंने उसकी बातों पर यकीन कर लिया. जब उसका सेलेक्शन NDA में हो गया, तो तब कहीं जाकर उसने बताया कि उसका IIT एंट्रेंस क्लियर हो गया था.’ उन्होंने कहा, ‘आज उसने इस असाधारण उपलब्धि को हासिल कर खुद को सही साबित कर दिया है. हमें उस पर गर्व है. ये उसके मिलिट्री करियर की शानदार शुरुआत है.’

परेड की संभाली कमान

वहीं, NDA को क्लियर करने में सामने आई चुनौतियों को पार करने के बाद उन्होंने आगे सभी मौकों को भुनाया. गौरव ने ना सिर्फ एकेडमिक फ्रंट पर शानदार प्रदर्शन किया, जबकि मिलिट्री ट्रेनिंग में भी वह सबसे आगे रहे. इसका नतीजा ये रहा कि उन्हें गोल्ड मेडल से नवाजा गया. दूसरी ओर, परेड की कमान संभालने की अनुमति मिलना सोने पर सुहागा जैसा था.

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गौरव ने कहा, ‘ये कुछ ऐसा था कि जिसके बारे में मैंने एकेडमी को ज्वाइन करने के दौरान नहीं सोचा था. अगर सच कहूं तो शुरुआत में एकेडमी की ट्रेनिंग शेड्यूल के साथ तालमेल बिठाना मुश्किल था. मैं मिलिट्री ट्रेनिंग को लेकर संकोच में था. लेकिन मैंने खुद को मोटिवेट रखा.’

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